MOTHERS-DAY

अंधियारी रातों में मुझको थपकी देकर कभी सुलाती कभी प्यार से मुझे चूमती कभी डाँटकर पास बुलाती कभी आँख के आँसू मेरे आँचल से पोंछा करती वो सपनों के झूलों में अक्सर धीरे-धीरे मुझे झुलाती सब दुनिया से रूठ रपटकर जब मैं बेमन से सो जाता हौले से वो चादर खींचे अपने सीने मुझे लगाती -अमित कुलश्रेष्ठ

Combination of words from 26 alphabets can never express my Loving Mom | Mothers's Day

Naresh P

Naresh P

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I was Always at peace Because of the way my MoM treated me

A mother is not a person to learn on, but a person to make leaning unnecessary .

Just one little wish for you,mom! but its loving and happy and true. It’s a wish that the nicest and best thing’s will always keep coming you!

Happy Mothers Day ! - Heart Touching Quotes

No other present in the world can be more special and beautiful than the gift of a mother. I am so glad to have you. Happy Mother’s Day.

what is the meaning of mother - Happy Mothers Day

For all the loving things you are and caring things you do, we’re sending this special wish multiplied by two! Have a beautiful day.

Word’s are never enough to thank you for all that you do…. Happy Mother’s Day.

Mothers Day- Cute Child and Mother

#MothersDay - Meaning of Mother

Happy Mother's Day Poem

Happy Mother's Day - A Man's Work is FRom sun to sun but a Mother's work is never done

Wish i could be with you on mother’s day. I want you to know and i’m thinking of you and wishing you a very Happy Mother’s Day.

Here’s wishing you happy mother’s day that’s filled with every pleasure, and a future that’s as happy as the memories you treasure!

Happy Mother's Day - Quotes for my best Friend

To the world you might just be one person, but to one person you might just be world.

तुम्ही मिटाओ मेरी उलझन कैसे कहूँ कि तुम कैसी हो कोई नहीं सृष्टि में तुम-सा माँ तुम बिलकुल माँ जैसी हो। ब्रह्मा तो केवल रचता है तुम तो पालन भी करती हो शिव हरते तो सब हर लेते तुम चुन-चुन पीड़ा हरती हो किसे सामने खड़ा करूँ मैं और कहूँ फिर तुम ऐसी हो। माँ तुम बिलकुल माँ जैसी हो।। ज्ञानी बुद्ध प्रेम बिना सूखे सारे देव भक्ति के भूखे लगते हैं तेरी तुलना में ममता बिन सब रुखे-रुखे पूजा करे सताए कोई सब के लिए एक जैसी हो। माँ तुम बिलकुल माँ जैसी हो।। कितनी गहरी है अदभुत-सी तेरी यह करुणा की गागर जाने क्यों छोटा लगता है तेरे आगे करुणा-सागर जाकी रही भावना जैसी मूरत देखी तिन्ह तैसी हो। माँ तुम बिलकुल माँ जैसै हो।। मेरी लघु आकुलता से ही कितनी व्याकुल हो जाती हो मुझे तृप्त करने के सुख में तुम भूखी ही सो जाती हो। सब जग बदला मैं भी बदला तुम तो वैसी की वैसी हो। माँ तुम बिलकुल माँ जैसी हो।। तुम से तन मन जीवन पाया तुमने ही चलना सिखलाया पर देखो मेरी कृतघ्नता काम तुम्हारे कभी न आया क्यों करती हो क्षमा हमेशा तुम भी तो जाने कैसी हो। माँ तुम बिलकुल माँ जैसी हो।। -शास्त्री नित्यगोपाल कटारे